बाल विकास और शिक्षाशास्त्र महत्वपूर्ण पॉइंट्स नोट्स

बाल विकास और शिक्षाशास्त्र महत्वपूर्ण पॉइंट्स
  • डिस्लेकिया का सम्बन्ध पठन विकार से है।
  • बच्चे दुनिया के बारे में अपनी समझ का सृजन करते है इसका श्रेय पियाजे को जाता है।
  • सीखने के अंतःदृष्टि सिद्वांत को कोहलर ‘‘गेस्टाल्ट सिंद्वातवादी‘‘ ने बढ़ावा दिया था।
  • बच्चों के बौद्विक विकास की चार विशिष्ट अवस्थाओं की पहचान पियाजे ने की थी।
  • हिलगार्ड ने अपनी पुस्तक थ्योरीज ऑफ लर्गिग में दस से ज्यादा सिद्वांतो का वर्णन किया है।
  • फ्रायड ने प्रेरण का मनोविश्लेषण सिंद्वात दिया है।
  • बिंघम ने कहा अभिक्षमता वह शक्ति या उन विशेषताओं का एक समुच्चय है, जो वयक्ति विषेश द्वारा कोई विशिष्ट प्रशिक्षण ज्ञान अथवा कौशल अर्जित करने हेतु व्यक्ति की योग्यात का लक्षण है।
  • बेसिक शिक्षा प्रणाली, वयक्तिगत भिन्नता पर आधारित थी। इसके प्रतिपादक महात्मा गॉंधी थे।
  • सामूहिक बुद्वि परीक्षण अमरीका में टर्मन द्वारा शुरू किया गया था।
  • गिलफोर्ड द्वारा बुद्धि मॉडल की संरचना की प्रस्तुति की गई थी।
  • डगडेल के अनुसार चारित्रिक विकास वंशानुक्रम पर निर्भर है।
  • गैसल के अनुसार बालक प्रथम छः वर्षो में बाद के बारह वर्षो से दूना सीख लेता है।
  • प्रोजेक्ट प्रणाली डीवी की विचारधारा है।
  • अधिगम का संपोषक सिंद्धात क्लार्क एल. हल ने दिया था।
  • डाल्टन शिक्षण विधि का विकास मिस हेलेन पार्कहर्स्ट ने किया।
  • गार्डनर ने सात अभियोग्ताओं का अधिमान निर्धारित किया, इसमें से भावानात्मक अभियोग्यता नहीं है।
  • वाइगोत्स्की ने बाल विकास के बारे में कहा कि यह सामाजिक अंतक्रियओं का उत्पाद होता है।
  • शिक्षा में विकास को लेकर फ्रोबेल का मुख्य योगदान बालवाड़ी है।
  • क्लासिकल स्थिति का प्रतिपादक पावलोव है।
  • 3 से 5 वर्ष के आयु को शिक्षा देने का सर्वाधिक श्रेय मॉण्टेसरी को दिया जाता है।
  • बच्चों का मस्तिष्क साफ स्लेट की तरह होता है जिस पर समाज चाहे जो लिख सकता है यह कथन जे. लॉंक से है।
  • शिक्षा से मेरा अभिप्राय यह है कि बालक और मानव में पूर्णरूप से शारीरिक बौद्विक तथा आध्यात्मिक बल का सर्वागीण उन्नति हो यह कथन गांधी जी का है।
  • बच्चों के संवेगात्मक विकास में किसी की भूमिका सम्बन्धी महत्वपूर्ण अघ्ययन का श्रेय जे. बी. वाटसन को जाता है।
  • राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रम से सम्बन्ध मुदालियर कमीशन से है।
  • शिक्षा की किण्डरगार्टेन की पद्धति का प्रतिपादन फ्रोबेल ने किया था।
  • बच्चों के बौद्विक विकास के चार सुस्पस्ट स्तरों को पियाजे ने पहचाना है।
  • अंतःदृष्टि सिंद्धात का प्रमुख पर्वतक कोहलर को माना जाता है।
  • मांटेसरी के अनुसार बच्चों में भाषाई कौशल विकसित करने का क्रम एलसआरडब्लू है।
  • पिजाये के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्था है।
  • मैक्डूगल के अनुसार मूल प्रवृतियां जन्मजात होती है।
  • बच्चों के सीखने के तरीकों पर सबसे पहले अध्ययन करने वाले दो व्यक्ति पियाजे व स्कीनर थे।
  • लक्ष्य की प्राप्ति में सूझ के महत्व को मानने वाले विद्वान ड्रेवर थे।
  • लेविन व फ्रायड ने व्यक्तित्व की संरचना के अन्तर्गत गत्यात्मकता एवं स्थलाकृति पक्ष का अध्ययन किया।
  • बुद्धि लब्धि मापन के जन्मदाता स्टर्न है।
  • यह कथन स्किनर का है कि मनोविज्ञान शिक्षा का आधारभूत विज्ञान है।
  • एलेक्सिया सीखने की अक्षमता है।
  • बुद्वि के बहुकारक सिद्वांत के प्रतिपादक थार्नडायक है।
  • तत्परता का नियम थार्नडायक ने दिया था।
  • पाठ्यक्रम के शिक्षण के चर में स्वतंत्र चर आता है।
  • स्मिथ ने शिक्षण की त्रिध्रुवी प्रक्रिया में शिक्षक को कार्यवाहक माना है।
  • नवीन ज्ञान तथा नवीन प्रतिक्रियाओं का अर्जन करने की प्रक्रिया अधिगम प्रक्रिया है यह कथन वुडवर्थ का है।
  • रॉस ने संवेग को तीन प्रकार में बांटा है।
  • मैक्डूगल ने कहा अभिप्रेरण को व्याख्ता जन्मजात मूल प्रवतियों के आधार पर की जाती है।
  • मैक्ड्यूगल के अनुसार मूल प्रवृति जिज्ञासा का सम्बन्ध आश्चर्य संवेग से है।
  • सीखने के नियम का प्रतिपादन थार्नडायक ने किया है।
  • हरलॉक के अनुसारन विकास एक सतत् और धीमी-धीमी प्रक्रिया है।
  • लेव वाइगॉत्स्की के अनुसार सीखने का मतलब ज्ञान निर्माण करना हे।
  • बुद्वि के एकल कारक का सिद्वांत फ्रीमैन ने दिया था।
  • जंग द्वारा सर्व प्रथम व्यक्तित्व के आकलन के लिए शब्द ‘‘संघ परीक्षण‘‘ 1922 में बनाया गया था।
  • स्किनर ने कहा सृजनात्मकता मनुष्क के मसितष्क की वह शक्ति है, जिससे वह सम्बन्धों के रूपान्तरण द्वारा नयी सामग्री का सृजन करता है जिससे नये सह-सम्बन्ध उत्पन्न होते है।
  • अब्राहम मास्लो यथार्थवादी थे।
  • निर्देश चिकित्सा कार्ल रोजर ने विकसित किया था।
  • मनोविलेषणात्मक परामर्श उपागम फ्रायड ने शुरू किया था।
  • रोर्श इंकब्लॉट जो कि एक व्यक्तिगत मूल्यांकन की विधि है इसको हरमन रोर्शा ने विकसित किया है।
  • जीन प्याजे ने कहा कि बुद्धि वह क्षमता है जो हमें अपने वातावरण में समायोजित करना सिखाती है।
  • थॉर्नडायक का सिद्धांत व्यवहारात्मक सिद्धांत में आता है।
  • एक शिक्षिका अपने शिक्षार्थियों की विभिन्न अधिगम शैलियों को संतुष्ट करने के लिए वैविध्यपूर्ण कार्या का उपयोग करती है। वह गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत से प्रभावित है।
  • प्रश्नोत्तर विधि का जनक सुकरात को माना जाता है।
  • गिलफोर्ड के अनुसार संवेंगो का प्रकार कृत्रिम नही है।
  • मनोविष्लेशणवादी सिद्धांत के प्रवर्तक फ्रायड है।
  • अधिगम का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत से पैवलाव का सम्बन्ध है।
  • सीखने का प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत का सम्बन्ध थार्नडायक है।
  • अर्न्तर्दृष्टि सिद्धांत का प्रर्वतक कोहलर को माना जाता है।
  • थार्नडायक ने बुद्धि का बहुकारक सिद्वांत का प्रतिपादन किया है।
  • भारत में साक्षर भारत योजना का प्रारम्भ 8 सितम्बर 2009 से हुई है।
  • भारतवर्ष में मारिया मॉण्टेसरी का प्रवास काल 1939-51 था।
  • ग्रामीण विश्वविद्यालयों की स्थापना एवं पुनर्संगठन का सर्वाधिक जोर राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने दिया था।
  • अवरूद्ध प्रश्न बच्चों में सोच-विचार कौशल बढ़ाते है।
  • अरस्तू ने कहा था कि एक स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का निवास होता है।
  • जे. एफ. हबर्ट के अनुसार मानस की क्रिया कलापें जानना, महसूस करना, और इच्छा है।
  • पियाजे मुख्यतः ज्ञानात्मक विकास के लिए जाने जाते है।
  • भाटिया बैटरी का प्रयोग बुद्धि परीक्षण हेतु किया जाता है।
  • कोहबर्ग का विकास नैतिक विकास के सिद्धांत से सम्बन्धित है।
  • संज्ञानात्मक विकास के चार चरणों की पहचान पियाजे ने की है।
  • गुथरी ने मनौवैज्ञानिक ने बाल अधिगम विकास में पुरस्कार को महत्व नहीं दिया है।
  • वुडवर्थ ने कहा है कि संवेग व्यक्ति की उत्तेजित दशा है।
  • सामाजिक के अतिरिक्त बुद्धि के पक्षों को स्टेनबर्ग के त्रितंत्र सिद्धांत में सम्बोधित किया गया है।
  • हावर्ड गार्डनर का बुद्धि का सिद्धान्त प्रत्येक व्यक्ति की विलक्षण योग्यताओं पर बल देता है।
  • गाल्टन ने कहा कि बुद्धि पर वंशानुक्रम का प्रभाव होता है।
  • डॉ मेंस का कहना है कि हम करके सीखते है।


  • फ्रोबेल ने गेंद का खेल पर प्रमुख बल दिया था।
  • प्रोजेक्ट शिक्षण विधि जॉन डीवी से सम्बन्धित है।
  • व्यक्तित्व का समाजशास्त्रीय प्रकार का सिंद्धात स्प्रेन्जर ने दिया था।
  • जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम 1994 में लागू किया गया।
  • विलहेल्स वुन्ट ने प्रयोगात्मक विधि को सर्वप्रथम प्रस्तावित किया था।
  • जोन ऑफ प्रॉक्सिमल डेवलपमेन्ट का प्रत्यय वाइगोट्स्की ने दिया जिसे हम जेड पी डी के नाम से भी जानते है।
  • बेलक ने सर्वप्रथम बाल अन्तर्बोध एपरसेप्शन परीक्षण का निर्माण किया।
  • फ्रोब्रेल ने सर्वप्रथम किण्डरगार्टेन शिक्षा प्रणाली की विचारधारा को जन्म दिया था।
  • मैस्लो यह स्पस्ट करता है कि बच्चे अपनी वृद्धि व विकास हेतु कठोर अध्ययन करते है।
  • एबिंगहॉस एक ऐसा मनोवैज्ञानिक था जो सीखने की सामग्री के रूप में निरर्थक शब्दों
  • का प्रयोग किया।
  • सीखने का नियम थॉर्नडायक ने दिया था।
  • मानसिक आयु के प्रत्यय का सर्वप्रथम प्रयोग बिने साइमन दिया था।
  • सर्वाधिक उपयुक्त जीवित रहता है, का सिद्वांत डारविन का है।
  • हरलॉक ने कहा कि सामाजिक प्रत्याशाओं के अनुरूप व्यव्हार की योग्यता का अधिकार सामाजिक विकास कहा जाता है।
  • ऑडट-ऑफ-द-बॉक्स चिन्तन अपसारी चिन्तन से सम्बन्धित है।
  • स्तर 1 लॉरेन्स कोहबर्ग के सिद्धांत का नैतिकता की अनुपस्थिति को सही अर्थ में सूचित करता है।
  • अपसारी चिन्तन सृजनात्मकता से सम्बन्धित है।
  • कोहलबर्ग के सिद्धांत के पूर्व-परम्परागत स्तर के अनुसार कोई नैतिक निर्णय लेते समय एक व्यक्ति निम्नलिखित में से किस तरफ प्रवृत होगा-अंतर्निहित सम्भावित दंड
  • थर्स्टन द्धारा बुद्धि के सिंद्धात को अल्पतंत्रीय सिद्धांत कहा जाता है।
  • स्पीयरमैन द्धारा प्रस्तुत िंसंद्धात एक कारकीय सिद्धांत है।
  • स्पीयरमेन के अनुसार सामान्य कारक जन्मजात व अपरिवर्तनीय कारक होता है।
  • बर्टन के अनुसार शिक्षण सीखने के लिए उद्दीपन, मार्गदर्शन तथा दिशा बोध है।
  • फ्लेण्डर ने शिक्षण को अन्तःक्रियात्मक माना है।
  • शिक्षण क्रिया के तीन तत्व होते है।
  • रायर्बन ने कहा कि शिक्षण एक ऐसा सम्बन्ध है जो बालक की समसत शक्तियें को विकसित करने में सहायता करता है।
  • टी. पी. नन ने कहा कि खेल रचनात्मक काय्र का एक प्रबल स्वरूप है।
  • कारक विश्लेषण के आधार पर गिलफोर्ड ने सर्जनात्मकता की छः बौद्धिक क्रियाओं को प्रतिपादित किया है।
  • स्किनर ने अभिक्रमायोजित अधिगम का विकास किया।
  • थर्स्टन का बुद्धि का बहुकारक सिद्धांत के नाम से जाना जाता है।
  • टी. ए. टी. का प्रयोग व्यक्तित्व मापने में किया जाता है।
  • बुद्धि के पदानुक्रम महत्व के सिद्धांत का प्रतिपादन बर्ट और वरनॉन ने किया है।
  • बुद्धि लब्धि सम्प्रत्यय टर्मन ने विकसित किया है।
  • व्यक्तित्तव का पहला प्रकारात्मक वर्गीकरण प्रस्तुत हिप्पोक्रेट्स ने किया था।
  • सामान्य तथा विशिष्ट कारका सिद्धांत का प्रतिपादन स्पीयरमैन ने किया था।
  • रॉस ने कहा है कि वातावरण वह बाहरी शक्ति है, जो हमें प्रभावित करते है।
  • पियाजे के विचार से बच्चे सक्रिया ज्ञान-निर्माता तथा नन्हें वैज्ञानिक हैं, जो संसार के बारे में अपने सिद्धांतो की रचना करते हैं।
  • वाइगोत्स्की के अनुसार बच्चे सीखते है वयस्कों और समवयस्कों के साथ परस्पर क्रिया से।
  • कोलबर्ग ने नैतिक विकास के चरण को बताया है।
  • लेव वाइगोत्स्की के अनुसार संज्ञानात्मक विकास का मूल कारण है सामाजिक अन्योन्य क्रिया।
  • जीन पियाजे के अनुसार अधिगम के लिए शिक्षार्थी के द्वारा पर्यावरण की सक्रिया खोजबीन करता है।
  • हॉवर्ड गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत सुझाता है कि शिक्षक को चाहिए कि विषय-वस्तु को वैकल्पिक की विधियों से पढ़ाने के लिए बहुबद्धियों को एक रूपरेखा की तरह ग्रहण करे।
  • लिंग सामाजिक संरचना है।
  • लेव वाइगोत्स्की के समाज संरचना सिद्धांत में ढृढ़ विश्वास रखने वाले शिक्षक के नाते आप अपने बच्चों के आकलन के लिए सहयोगी प्रोजेक्ट को वरियता देते है।
  • आनुवंशिकता को स्थिर सामाजिक संरचना माना जाता है।
  • गिलफोर्ड ने अभिसारी चिन्तन पद का प्रयोग बुद्धि के समान अर्थ में किया है।
  • स्पीयरमैन का द्विखण्ड सिद्धांत बुद्धि का जी और विशिष्ट बुद्धि का एस की उपस्थिति का समर्थन करता है।
  • स्कैनिंग वह तकनीक है जिसका उपयोग तालिका में स्थित शब्दाली तथा प्रसंग में किया जा सकता है।
  • भारत में शिक्षा प्रणाली परी़क्षा के लिए तैयार करती है तथ्य वर्तमान संदर्भ में बिल्कुल सत्य है।
  • सीखने की प्रक्रिया के प्रथम सोपान अनुभव है।
  • व्याकरण की परम्परागत शिक्षण विधि का विरोध किया था चोमोस्की ने।
  • लॉरेंस कोह्लबर्ग विकास के नैतिक क्षेत्र में शोध के लिए जाने जाते है।
  • सीखना व्यवहार में उत्तरोत्तर सामन्ज्स्य की प्रक्रिया है।
  • स्वामी विवेकानन्द का कथन है कि शिक्षा मनुष्य में अन्तर्निहित क्षमता का परिपूर्णता में विकास करती है।
  • सीखने के क्लासिकल कंडीशनिंग सिंद्धात को पावलॉव ने दिया था।
  • बुद्धि के द्विखण्ड सिद्धांत का प्रतिपादन स्पियरमैन ने दिया था।
  • बिग व हंट के अनुसार किशोरावस्था की विशेषताओं को सर्वोतम रूप से व्यक्त करने वाला एक शब्द है परिवर्तन। परिवर्तन शारीरिक सामाजिक और मनौवैज्ञानिक होता है।
  • शिक्षा में फ्राबेल का महत्वपूर्ण योगदान था किडर गार्टन का विकास।
  • खोज पद्धति और आनुभाविक प्रयासों को माघ्यमिक स्तर की शिक्षा में दी जाती है।
  • शिक्षा की वर्धा योजना को 1936 में प्रस्तावित किया गया था।
  • विभिन्न राज्यों में से विज्ञान के प्रभावशाली बालकों को पहचान करने के लिए जिस परीक्षा का आयोजन किया जाता है उसे सेट परीक्षा कहते है।
  • भारत में वर्तमान में राष्ट्रीय खेल नीति 2007 लागू है।
  • संविधान के 93 वां संविधान के द्धारा 6 से 14 वर्ष के उम्र के बच्चों की शिक्षा को अनिवार्य कर दिया गया है।
  • बच्चों की पढ़ाई आरम्भ करने की आदर्श आयु 6 वर्ष होनी चाहिए।
  • बिहार राज्य के बच्चे सबसे ज्यादा स्कूल छोड़ते है।
  • ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड योजना का शुभारम्भ हुआ है 1987-88 में।
  • बेकिस प्राइमरी स्कूल भवन में कक्षा पॉंच तक के लिए न्यूनत्तम रूप से 5 कमरे होने चाहिए।
  • भारत का संविधान का अनुच्छेद 45 भारत के प्रत्येक नागरिक को न्यून्तम प्राथमिक स्तर की शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है।
  • स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार द्धारा स्थापित किए जाने वाले पहले शिक्षा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राधाकृष्णन थे।
  • 6-14 वर्ष तक बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार कानून 1 अप्रैल 2010 से लागू किया गया है।
  • अधोमुखी निस्पंदन सिद्वांत का प्रणेता मेकॉले था।
  • सम्पूर्ण भारत में साक्षरता हेतु जिस आन्दोलन का गठन किया गया है उसका पूरा नाम भातर ज्ञान-विज्ञान है।
  • आलपोर्ट ने कहा व्यक्तित्व व्यक्ति में उन मनादैहिक व्यवस्थाओं
  • का गत्यात्म्क संगठन है जो वातावरण के साथ उसके अपूर्व समायोजन को निर्धारित करता है।
  • बाल केन्द्रित शिक्षा का समर्थन जॉन डयूबी के द्वारा किया गया था।
  • रेवन का प्रोग्रेसिव मैट्रिसिज परीक्षण सांस्कृति मुक्त बुद्धि लब्धांक का परीक्षण है।
  • सीखने के सिद्वांतों के संदर्भ में स्कैफोल्डिंग सीखने में वयस्कों द्वारा अस्थायी सहयोग की ओर संकेत करता है।
  • सतत् और व्यापक मूल्यांकन की योजना में व्यापक शब्द जे. पी. गिलफोर्ड का बुद्धि संरचना का सिंद्धात में प्रयोग किया गया है।
  • जॉन डयूवी द्वारा समर्थित लैब विद्यालय के उदाहरण है प्रगतिशील विद्यालय ।
  • टरमैन ने 140 से अधिक बुद्धि लब्धि वाले को प्रतिभाशाली बच्चे कहा।
  • लॉरेन्स कोह्लबर्ग ने अपने नैतिक विकास के सि़द्धांत को तीन सतर तथा छः अवस्थाओं में बॉंटा है।
  • संज्ञानात्मक क्षेत्र का निम्नस्तर ज्ञान है।
  • सम्पूर्ण से अंश की तरफ बढ़ना गेस्टाल्ट सिद्धांत पर आधारित है।
  • एफ. जी. फ्रेंच मेथड का प्रयोग बुनियादी गतिविधि शिक्षा देने के लिए किया जाता है।
  • थर्स्टन की प्राथमिक मानसिक योग्यताओं के वर्गीकरण में संगीत की योग्यता को सम्मिलित नहीं किया गया था।
  • क्लार्क हल के सीखने के सि़द्धांत में पुनर्बलन का लक्ष्य है आवश्यकता का हा्रस है।
  • मानवतावाद का संबंध कार्ल रोजर्स है।
  • प्रकार्यवाद का संबंध विलियस जेम्स से है।
  • मनोविश्लेषण का संबंध सिगमंड फ्रायड से है।
  • स्किनर ने व्यवहार में परिमार्जन में पुनर्बजन का अनुप्रयोग किया था।
  • मानसिक आयु का प्रत्यय बिने ने दिया था।
  • कोह का ब्लॉक डिजाइन परीक्षण उदाहरण है निष्पादन परीक्षण का।
  • बिने के अनुसार जिस उच्चतम आयु स्तर के सभी प्रश्नों को बालक सही हल करता है, वह कहलाता है वास्तविक आयु।
  • उपलब्धि अभिप्रेरण के क्षेत्र में मैक्क्लेलैंड का योगदान सबसे प्रमुख है।
  • कर्टलेविन के अनुसार समूज में जो परिर्वतन होते हैं गतिशीलता कहते है।
  • पावलॉव ने सीखने के अनुबन्धन प्रतिक्रिया सिद्धांत का प्रतिपादन खरगोश पर प्रयोग करके किया था।
  • गैग्ने का सम्बन्ध अधिगम का श्रेणीक्रम से है।
  • 16 पीएफ का प्रयोग व्यक्तित्व के मापन के लिए किया जाता है।
  • बुद्धि का तरल मोजेक मॉडल कैटेल ने दिया था।
  • थर्स्टन तथा लिकर्ट अभिवृति मापन से सम्बन्धित है।
  • मैस्लो के सिद्धांत को आवश्यकता का सिद्धांत कहा गया है।
  • मानसिक स्वास्थ्य के नियमों को खोजना और उन्हें बनाए रखना अध्ययन का केन्द्र बिन्दु लैडेल है।
  • एल्बर्ट बडूरा का कहना है कि बच्चे फिल्मों दिखाए गए हिंसात्मक व्यवहार को सीख सकते है।
  • ब्लूम की टैक्सोनॉमी संज्ञानात्मक उद्देश्यों की पदानुक्रमिक व्यवस्था है।
  • स्पीयरमैन का संबंध जी कारक है।
  • स्टर्नबर्ग का बुद्धिमता का त्रितंत्र सिद्धांत है।
  • कोह्लबर्ग के अनुसार सही और गलत प्रश्न के बारे में में निर्णय लेने में शामिल चिन्तन प्रक्रिया को नैतिक तर्कणा कहा जाता है।
  • जीन पियाजे के अनुसार अनुकूलन आत्मसात्करण तथा व्यवास्थपन के द्वारा होता है।
  • जीन पियाजे ने कहा कि विचार न केवल भाषा को निर्धारित करते है। बल्कि उसे आगे भी बढ़ाते है।
  • राज्य स्तर के कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यचर्या का निर्माण एन सी ई आर टी करती है।
  • रोशो परीक्षण में 10 मसिलक्ष्म या स्याही धब्बे होते है।
  • पैथालोजी ऑफ ब्रेन की रचना क्रेपलिन ने की है।
  • असामान्य मनोवैज्ञानिक के आधुनिक युग के जन सिगमनड फ्रायड है।
  • द्वि तत्व सिद्धांत के प्रतिपादक स्पीयमैन है।
  • 1882 ई. में गाल्टन द्वारा लन्दन में मानवीय विशेषताओं का अध्ययन करने के लिए प्रयोगशाला का निर्माण किया गया था।
  • वाईगॉट्स का सम्बन्ध रूस देश से था।
  • सामूहिक पागलपन के प्रमाण 10वीं से 16वीं शताब्दी तक मिलें।
  • विभेदम परीक्ष का उपयोग जे. एम. ओझा के द्वारा भारतीय अनुकूलन के अनुसार विकसित किया गया है।
  • आम्डग् सर्विसेज अभिक्षमता को ए. एस. टी. के नाम से जाना जाता है।
  • रॉस ने कहा चिन्तन मानसिक क्रिया का ज्ञानात्मक पहलू है।
  • गेट्स के अनुसार-अनुभव द्वारा व्यवहार में परिवर्तन ही सीखना है।
  • क्रो एण्ड क्रो ने कहा कि सृजनशीलता मौलिक परिणामों को अभिव्यक्त करने की मानसिक क्रिया है।
  • प्रयास और भूल थॉर्नडायक ही इस सिद्धांत के प्रतिपादक है।
  • रूसों ने कहा कि बालक एक ऐसी पुस्तक है जिसका शिक्षक को आद्योपान्त अध्ययन करना चहिए।
  • सामान्य से विशेष की तर्क की प्रक्रिया को निगमनात्मक पद्धति में गिना जाता है।
  • वुडवर्थ ने कहा स्मृति सीखी हुई वस्तु का सीधा उपयोग है।
  • टॉयलर ने कहा कि एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति से अन्तर एक सार्वभौमिक घटना जान पड़ती है।
  • पियाजे के विकास की अवस्थाओं में संवेदी गामक अवस्था समायोजित करता है अनुकरण स्मृति एवं मानसिक प्रस्तुतिकरण।
  • व्यक्तिगत भिन्नताओं के मापन की सर्वोतम अन्तराल मापनी है।
  • वाइगोत्सकी के सामाजिक सांस्कृतिक सिद्वांत के अनुसार-संस्कृति और भाषा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • बैन्डयूरा के सामाजिक अवलोकन पर आधारित अधिगम सिद्धांत में पुनरावृति की प्रक्रिया होती है।
  • बुद्धि की स्पीयरमैन परिभाषा में कारक जी है-सामान्य बुद्धि।
  • लैव वाइगोत्स्की ने कहा कि बच्चों को सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक ज्ञान की आवश्यकता होती है।
  • गार्डनर के बहु-बुद्धि के सिद्धांत के अनुसार अन्तःवैयक्तिक वह कारक है जो व्यक्ति के आत्म बोध हेतु सर्वाधिक योगदान देगा।
  • कोह्लबर्ग के सिद्धांत में यह तथ्य सही है कि कोह्लबर्ग ने पुरूषों एवं महिलाओं को नैतिक तार्किकता में सांस्कृतिक विभिन्ताओं को महत्व नहीं दिया है।
  • वाइगोत्स्की तथा पियाजे के परिप्रेक्ष्यों में एक प्रमुख भिन्नता है कि भाषा एवं चिन्तन के बारे में उनके अपने दृष्टिकोण।
  • पियाजे के सिद्धांत के अनुसार बच्चे अनुकूलन के क्रिया के द्वारा सीखते है।
  • विकासात्मक कार्य पद हविगोट्रस्की के द्वारा दिया गया है।
  • गेस्टाल्ट अधिगम प्रत्यक्षात्मक चिन्तन द्धारा होता है।
  • मानसिक संरचनाएॅं जो चिन्तन के निर्माण प्रखंड है इसके लिए जिन प्याजे ने स्कीमा शब्द का प्रयोग किया है।
  • मनोविज्ञान प्रारम्भ में दर्शनशास्त्र का अंग था।
  • किशोरावस्था को स्टेनले हाल ने अधिक तनाव और तूफान की अवस्था कहा है।
  • प्रभाव का नियम थॉर्नडायक का सीखने में पुरस्कार और दंड के महत्व को दर्शाता है।
  • विकास के मनोसामाजिक सिद्धांत का प्रतिपादन एरिकसन ने किया है।
  • वुडवर्थ ने कहा था कि मनोविज्ञान ने सर्वप्रथम अपनी आत्मा का परित्याग किया,फिर अपने मन का और फिर अपनी चेतना का, अभी वह एक प्रकार के व्यवहार को संजोये हैं।
  • वुडवर्थ के अनुसार बालक का विकास आनुवंशिकता तथा वातावरण का गुणनफल है।
  • फ्रायड के अनुसार इदम्, अहम् तथा पराहम् का विकास आनुवंशिकता तथा वातावरण का गुणनफल है।
  • स्किनर का मानना है कि अन्य व्यवहारां की भांति भाषा भी क्रिया प्रसूत अनुबन्धन द्वारा सीखी जाती है।
  • अधिगम में प्रत्यय व भूल के सिद्धांत का प्रतिपादन थॉर्नडायक ने दिया था।
  • आवश्यकता के पदानुक्रम सिद्धांत मैस्लो ने दिया था।
  • युंग ने सामूहिक अचेतन का सम्प्रत्य दिया था।
  • टोलमैन के द्धारा अधिगम का क्रिया-प्रसूत अनुबन्धन सिद्धांत दिया गया था।
  • स्पीयरमैन के अनुसार तर्क करने की क्षमता और समस्या समाधान करने की क्षमता जी कारक कहलाती है।
  • अधिगम स्थानान्तरण के द्वि-तत्व सिद्धांत के प्रतिपादक स्पीयरमैन है।
  • वाइगोत्स्की के अनुसार सीखने को पृथक नहीं किय जा सकता है-उनके सामाजिक संन्दर्भ से।
  • सीखने के पुनर्बलन सिद्धांत सी. एल. हल ने किया था।
  • वाइगोत्सकी के अनुसार बाल विकास एक परिणाम है सामाजिक अंतर्सम्बनध का।
  • पियाजे का तर्क है कि संज्ञानात्मक विकास, चरणों में आगे बढ़ने की अपेक्षा निरंतर होता है।
  • लेव वाइगोत्स्की के अनुसार भाषिक विकास मानव चिंतन के स्वभाव को बदल देता है।
  • कोलबर्ग ने अपने अध्ययन को मूलतः पुरूषों के नमूनों पर आधृत रखा है इसके कारण इसकी आलोचना भी होती है।
  • पहचान विकास सम्बन्धित है एरिक्सन के सिद्वांत से।
  • प्रोजेक्ट शिक्षण विधी से संबंध जॉन डिवी से है।
  • ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड राष्ट्रीय शैक्षिक योजना 1986 से है।
  • बैंकिग शिक्षा के पिता फ्रेयर है।
  • स्किनर का कथन है कि व्यक्तित्व सीखने योग्य व्यवहारों का आदर्श संग्रह है।
  • व्योगोट्स्की के अनुसार छा़त्रों के भाषागत् विकास में सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला भाज्य है सामाजि परिस्थिति।

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