[Important Points] बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र महत्वपूर्ण one लाइन नोट्स Part–2

• बालक के विकास की प्रक्रिया कब शुरू होती है :- जन्म से पूर्व • विकास की प्रक्रिया :- जीवन पर्यन्त चलती है। • सामान्य रूप से विकास की कितनी अवस्थाएं होती हैं :- पांच • “वातावरण में सब बाह्य तत्व आ जाते हैं जिन्होंने व्यक्ति को जीवन आरंभ करने के समय से प्रभावित किया …

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मापन और मूल्यांकन में अंतर || मूल्यांकन और मापन में क्या अंतर है?

मनुष्य के जीवन का प्रत्येक क्षण मापन से किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है। बिना मापन के जीवन को सुचारु रूप से चलाना असम्भव है। जैसे सही समय में विद्यालय पहुंच जाना, आफिस जाना, बस पकड़ना आदि के लिये एक निश्चित समय होता है। जिसका मापन घड़ी के समय द्वारा किया जाता है। …

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[Important Points] बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र महत्वपूर्ण one लाइन नोट्स Part–1

इस पोस्ट में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के महत्वपूर्ण बिंदुओ को दिया गया है। इस पोस्ट पर आप बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के सभी टॉपिक्स से इम्पॉर्टेन्ट नोट्स को एकत्रित किया गया है। शिक्षा शास्त्र नोट्स इन हिंदी, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के प्रश्न उत्तर, बाल विकास एवं मनोविज्ञान प्रश्न उत्तर, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र …

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मूल्यांकन की आवश्यकता और मूल्यांकन की आवश्यकता के कारण

मूल्यांकन की आवश्यकता छात्र, शिक्षक, अभिभावक और समाज, सभी के लिए बहुत जरूरी है। इस पोस्ट पर हम बताएंगे की आखिर मूल्यांकन की आवश्यकता के क्या कारण है? • यहाँ पर हम आपको छात्रों के लिए मूल्यांकन की आवश्यकता और मूल्यांकन की आवश्यकता के क्या कारण है?• शिक्षक के लिए मूल्यांकन की आवश्यकता और मूल्यांकन …

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बाल विकास और शिक्षाशास्त्र महत्वपूर्ण पॉइंट्स नोट्स

बाल विकास और शिक्षाशास्त्र महत्वपूर्ण पॉइंट्स डिस्लेकिया का सम्बन्ध पठन विकार से है। बच्चे दुनिया के बारे में अपनी समझ का सृजन करते है इसका श्रेय पियाजे को जाता है। सीखने के अंतःदृष्टि सिद्वांत को कोहलर ‘‘गेस्टाल्ट सिंद्वातवादी‘‘ ने बढ़ावा दिया था। बच्चों के बौद्विक विकास की चार विशिष्ट अवस्थाओं की पहचान पियाजे ने की …

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बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत || स्टर्नबर्ग का बुद्धि सिद्धांत

स्टर्नबर्ग त्रिबुद्धि सिद्धांत या बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत बुद्धि का आधुनिक सिद्धांत माना जाता है। स्टर्नबर्ग का त्रिबुद्धि या बुद्धि का त्रितंत्र मानव बुद्धि को एक ही क्षमता के बजाय अलग-अलग घटकों में तोड़कर समझाने का प्रयास करता है।• व्यावहारिक बुद्धि या संदर्भात्मक बुद्धि• रचनात्मक बुद्धि या अनुभवात्मक बुद्धि• विश्लेषणात्मक बुद्धि या घटकीय बुद्धि व्यावहारिक …

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शैक्षिक मापन क्या है? शैक्षिक मापन की परिभाषा, अर्थ, प्रकार एवं लाभ

शैक्षिक मापन शिक्षण प्रक्रिया का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। इस पोस्ट पर हम आपको बताएंगे कि शैक्षिक मापन क्या है? शैक्षिक मापन का अर्थ क्या है? गुणात्मक और मात्रात्मक मापन क्या है? गुणात्मक और मात्रात्मक मापन में क्या अंतर हैं? मापन के क्या लाभ हैं? तो आइए पढ़ते इनके बारे में और समझते …

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रचनात्मक या संरचनात्मक मूल्यांकन और आकलित या योगात्मक मूल्यांकन

पिछले कुछ दशकों से मापन तथा मूल्यांकन के क्षेत्र में नीचे दिए गए विभिन्न प्रकार के नये तरीकों को शामिल किया गया है, जिससे प्रचलित परिपाटियों एवं साधनों की कमियों को दूर करने में मदद मिली है।1. रचनात्मक व आकलित मूल्यांकन2. सामान्यीकृत व इप्सेटिव मापन3. प्रश्न बैंक4. सेमेस्टर प्रणाली5. कम्प्यूटरों के उपयोग6. प्राप्तांकों का परिमापन7. …

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मूल्यांकन की प्रविधियाँ और मूल्यांकन के प्रकार की पूरी जानकारी

इस पोस्ट पर हम आपको मूल्यांकन की प्रविधियां या प्रकार के बारे में बतायें। मूल्यांकन का प्रमुख उद्देश्य शिक्षार्थी के ज्ञान का अवलोकन करना है। शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को केवल ज्ञान देना ही नहीं है, बल्कि छात्रों का सर्वांगीण विकास भी करना है। मूल्यांकन की प्रविधियां या मूल्यांकन के प्रकार परिमाणात्मक मूल्यांकन मौखिक परीक्षा …

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मूल्यांकन का अर्थ, परिभाषा और महत्व || मूल्यांकन के सोपान और उद्देश्य

मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिसके आधार पर हम किसी छात्र के ज्ञान का आकलन करते हैं। मूल्यांकन के द्वारा ही छात्र की किसी विषय में कमियों, उसकी किसी विषय के प्रति रूचि और उसकी प्रतिभा का आकलन किया जाता है। इस पोस्ट में हम आपको मूल्यांकन का अर्थ , मूल्यांकन की परिभाषा, मूल्यांकन के सोपान, …

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